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2019 आम चुनाव पहली बार हार-जीत नेता का नहीं जनता का होगा !

Posted On: 11 Jan, 2018 Politics में

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आगामी लोक सभा चुनाव का परिणाम विपक्ष और सत्तारूढ़ के शिर्षम नेता श्री राहुल गाँधी और श्री नरेंद्र मोदी, एक जिनके नेतृत्व में पिछले लगातार चुनाव में हार मिलती है, फिर भी वें निर्विवाद कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बनतें हैं ! ऐसे में आगामी लोक सभा के चुनाव में हार-जीत उन्हें ज्यादा प्रवाभित नहीं करने वाला हैं ! गरिमा, पद योग्यता में इजाफ़ा यह गाँधी ( Surname ) की नियति रही हैं और सदा रहेगी ! दूसरा समकालीन संघर्ष में चाय बेच कर, हमेशा विवादों से लड़ कर जनता के प्यार, आशीर्वाद और समर्थन से आज सर्वोच्च संवैधानिक पद पर नियुक्त हैं ! अतः सांकेतिक दृष्टिकोण में यह परिणाम निःसंदेह जनता से ज़ुरा हुआ हैं !

आज़ाद भारत में राजनेता अपनी राजनितिक रसूख, सत्ता में बने रहने के लिए जाती, सम्प्रदायें, धर्म में बाँट कर ” फूट डालो राज करो ” यह निति रहीं हैं ! आज जनता के समक्ष आगामी चुनाव में यह सवाल रहने वाला है की परम्परागत इस निति को कैसे हराना है ? यह कहावत पुरानी हो चुकी है, की इस देश का कुछ नहीं हो सकता, यहाँ कुछ नहीं बदलने वाला है ! तय हमें करना है अर्जुन ने धैर्य, एकाग्रता से केवल प्रतिबिम्ब में देख मछली की आँख को भेद अपने कौशल का परिचय दिया था ! आज अर्जुन भी हम है मछली की आँख वर्तमान समय में राजनितिक घटनाकर्म में साफ-साफ दिखाई दें रहीं हैं ! संयम, धैर्य, कुशलता का परिचय जनता को देना हैं !

तालाब को गन्दा करने में एक मछली काफी होती हैं ! यहाँ तो पुरे 70 साल का राजनितिक रसूख खतरें में हैं और उनका राजनितिक स्तर पहले से ज्यादा गिर चूका है, यक़ीन मानिय देश इतिहास रचने को तैयार हैं ! इतिहास ऐसे ही नहीं बनता आगामी आम चुनाव के नतीजे तक आपको बहुत से अग्निपरीक्षा से गुजरना है ! विश्व पटल पर भारत अग्रिम पंक्ति में खड़ा होने के लिए अग्रसर है ! पर सत्ता सुख, राजनितिक हित के लिए इसे बाधित करना ही एक मात्र विकल्प है !

महाभारत काल में करुक्षेत्र की वह रणभूमि आज़ादी के बाद पहली बार 2019 में फिर से तैयार है ! जहां षड्यंत्र, छल, साहस, युद्ध सब देखने को मिलेगा ! पर हमें यह नहीं भूलना चाहियें गीता का श्लोक उसी रणभूमि से निकलता है और भारत को विश्वगुरु बनाता है ! समय का पहिया इतिहास को दोहराने के लिए फिर से तैयार हैं !

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